अध्याय 1. जैव प्रक्रम : पोषण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  1. पोषण किसे कहते है ? जीवों में होनेवाली विभिन्न पोषण विधियों का उल्लेख करें ।

    उत्तर- वह विधि जिससे जीव पोषक तत्वों को ग्रहण कर उनका उपयोग करते हैं , पोषण कहलाता हैं ।

    जीवों में पोषण मुख्यतः दो विधियों द्वारा होता है –

    1. स्वपोषण (Autotrophic nutrition)
    2. परपोषण (Hetrotrophic nutrition)


      स्वपोषण (Autotrophic nutrition)

      ऐसे जीव जो भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर न रहकर अपना भोजन स्वयं संश्लेषित करते है, उन्हे स्वपोषी जीव कहते हैं और यह प्रक्रिया स्वपोषण कहलाती हैं। सभी हरे पौधे स्वपोषी होते हैं।


      परपोषण (Hetrotrophic nutrition)

      परपोषण वह प्रक्रिया है जिसमें जीव अपना भोजन स्वयं संश्लेषित न कर किसी-न-किसी रूप में दूसरों पर निर्भर रहते है । परपोषण तीन प्रकार के होते है


मृतजीवी पोषण (saprophytic nutrition)

इस प्रकार के पोषण में जीव मृत जंतुओं और पौधों के शरीर से अपना भोजन प्राप्त करते है । मृतजीवी पोषण का प्रकृति में बहुत अधिक महत्व है जंतुओं और पौधों के मृत्यु के पश्चात उनके मृत शरीर को मृतजीवी अपघटित कर, अर्थात सड़ा गलाकर उनके मूल तत्वों में बदल देते है । ऐसे मूल तत्व पुनः मिट्टी में मिल जाते है। इन तत्वों को फिर से हरे पौधे मिट्टी से ग्रहण कर अपने उपयोग में लाते है । यही चक्र लगातार चलता रहता है। इस कारण से मृतजीवी अपघटक भी कहलाते है उदाहरण-कवक, प्रोटोज़ोआ, बैक्टीरिया

परजीवी पोषण (parasitic nutrition)

वैसा पोषण जिसमें जीव दूसरे प्राणी के संपर्क में, स्थायी या अस्थायी रूप से रहकर, उससे अपना भोजन प्राप्त करते है परजीवी पोषण कहलाता है । जैसे – गोलकृमि, हुकवर्म, टेपवर्म, मलेरिया परजीवी आदि में पाया जाता है।

प्राणिसम पोषण (Holozoic nutrition)

वैसा पोषण जिसमें प्राणी अपना भोजन ठोस या तरण के रूप में जंतुओं के भोजन ग्रहण करने की विधि द्वारा ग्रहण करते है , प्राणिसम पोषण कहलाता है। इस प्रकार का पोषण जंतुओं का लक्षण है और यह मेढक, मनुष्य आदि में पाया जाता है।

 

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